नो-बॉल ने बदला भारतीय क्रिकेटर विजय शंकर का करियर

भारतीय क्रिकेटर विजय शंकर

अक्सर हम लोग किस्मत की बातें करते हैं कहते हैं कि किस्मत किसी भी पल बदल सकती है। हालाँकि ऐसा सभी के साथ हो यह संभव नही है. लेकिन भारतीय क्रिकेटर विजय शंकर के साथ कुछ ऐसा ही हुआ. विजय शंकर को किस्मत ने एक मौका दिया और वह उसे लपकने में पूरी तरह कामयाब रहे.

हालाँकि विजय शंकर की किस्मत बहुत मुश्किल हालातों के बाद बदली है. आज विजय शंकर एक सफल बल्लेबाज हैं और इंडिया के लिए वर्ल्ड कप टीम में शामिल हैं. कड़ी मेहनत के बाद उन्हें यह मौका मिला है. कई सरे दिग्गज खिलाडियों को पीछे छोड़ उन्होंने वर्ल्ड कप टीम में अपनी जगह बनाई है. हल ही में हुए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने जीवन से जुड़े कई अहम् खुलासे किए और बताया कि कैसे एक नो बॉल ने उनकी जिंदगी बदल दी. आइए जानते हैं भारतीय क्रिकेटर विजय शंकर के बारे में कुछ रोचक बातें.

रणजी ट्रॉफी करियर का टर्निंग प्वाइंट

मेरे करियर का टर्निंग प्वाइंट रणजी ट्रॉफी रही। रणजी ट्रॉफी के एक मैच में, मेरे कारन हमारी टीम के कप्तान रन आउट हो गए थे, और दुर्भाग्यवश वह मैच हम हार गए। फिर मई बाहर हो गया, मुझे ऐसा लगने लगा था कि आगे शायद अब मैं अपने राज्य के लिए नहीं खेल पाउँगा. लेकिन मेने फिर कड़ी मेहनत की और तमिलनाडु के लिए खेलने का मौका मिला।

एक मैच में मेने 95 रन बनाए उसके बाद मेरे सभी मैच काफी अच्छे रहे थे. लेकिन इस मैच में मुझे शार्दुल ठाकुर की गेंद पर जीवनदान मिला था. यदि वह नो बॉल नहीं होती तो शायद मैं आज यहाँ नहीं होता. क्योंकि उस मैच के बाद मुझे ले प्राप्त हो गई थी और बाकी अन्य मैचों में भी शानदार प्रदर्शन कर पाया था. जिसके बाद हमारी टीम फाइनल में भी पहुँच गई थी. क्वार्टर फाइनल, सेमि फाइनल व् फाइनल मैच में मैनें क्रमशः 100, 80 व् 100 रन की पारी खेली थी. जिसके बाद मुझे इंडिया ए के लिए सिलेक्ट कर लिया गया था। फिलहाल कुछ दिन बाद वर्ल्ड कप का आगाज होने वाला है. अब देखना दिलचस्प होगा कि विजय शंकर विश्व कप में क्या योगदान देते हैं.

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